LPG Gas Booking Rule Update अब 21 दिन बाद ही बुक होगा दूसरा सिलेंडर

नई दिल्ली | बिजनेस डेस्क | अपडेट: मार्च 2026

देशभर में एलपीजी गैस का इस्तेमाल करोड़ों घरों में रोजमर्रा के कामों के लिए किया जाता है। रसोई गैस आम लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसी बीच एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गैस सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया को लेकर नया नियम लागू कर दिया है।

नए नियम के अनुसार अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी होने के बाद उपभोक्ता तुरंत दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें कम से कम 21 दिनों का इंतजार करना होगा। यानी अब पहले सिलेंडर की डिलीवरी के 21 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा।

सरकार का कहना है कि यह फैसला गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और घरेलू गैस सिलेंडर के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया गया है।

ऑयल कंपनियों ने सिस्टम में किया बदलाव

एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए तेल कंपनियों ने अपने ऑनलाइन सिस्टम में भी बदलाव कर दिया है। अब गैस एजेंसी या मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग करते समय सिस्टम अपने आप यह जांच करेगा कि पिछली डिलीवरी को 21 दिन पूरे हुए हैं या नहीं।

अगर 21 दिन पूरे नहीं हुए होंगे तो उपभोक्ता नई बुकिंग नहीं कर पाएंगे। इस तरह नया नियम तकनीकी रूप से भी लागू कर दिया गया है ताकि किसी भी स्तर पर इसका उल्लंघन न हो सके।

गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और ग्राहकों को इसके बारे में जानकारी दें।

डिलीवरी के समय देना होगा DAC कोड

एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एक और व्यवस्था लागू की है। अब सिलेंडर की डिलीवरी के समय Delivery Authentication Code (DAC) देना अनिवार्य होगा।

जब उपभोक्ता गैस सिलेंडर बुक करते हैं तो उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाता है। यह कोड ओटीपी की तरह होता है। डिलीवरी के समय ग्राहक को यह कोड डिलीवरी मैन को बताना होता है।

जब तक यह कोड सत्यापित नहीं किया जाता, तब तक सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस सिलेंडर सही उपभोक्ता को ही दिया गया है।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी डिलीवरी, गलत एंट्री और गैस वितरण में होने वाली अनियमितताओं को कम करना है।

ई-केवाईसी भी कराना जरूरी

एलपीजी कनेक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अब उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) भी जरूरी कर दी गई है। उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी पर जाकर या ऑनलाइन माध्यम से आधार के जरिए ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।

सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस कनेक्शन वास्तविक उपभोक्ताओं के नाम पर ही है और इसका गलत इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

अगर किसी उपभोक्ता ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है तो भविष्य में गैस बुकिंग या सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं में परेशानी आ सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।

पहले कितना था बुकिंग गैप

इससे पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए आम तौर पर लगभग 15 दिन का अंतर माना जाता था। कई जगहों पर उपभोक्ता इससे पहले भी बुकिंग कर लेते थे।

लेकिन अब नए नियम के तहत इसे बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ता को नए सिलेंडर की बुकिंग के लिए थोड़ा अधिक इंतजार करना होगा।

सरकार का मानना है कि इस बदलाव से गैस की सप्लाई बेहतर तरीके से नियंत्रित की जा सकेगी और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

घरेलू सिलेंडर के गलत उपयोग पर कार्रवाई

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कामों के लिए ही किया जाना चाहिए। कई बार देखा गया है कि कुछ लोग घरेलू सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में भी करते हैं।

अगर जांच के दौरान ऐसा पाया जाता है कि घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, ढाबा या किसी व्यावसायिक काम में किया जा रहा है, तो संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का कहना है कि घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में अंतर होता है, इसलिए गलत उपयोग को रोकना जरूरी है।

देश में गैस की आपूर्ति सामान्य

तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और नियमित रूप से सप्लाई जारी है।

कंपनियों ने कहा है कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और घबराकर अतिरिक्त बुकिंग करने की जरूरत नहीं है।

सरकार और ऑयल कंपनियां लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि देशभर में गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे और हर उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर मिल सके।

उपभोक्ताओं के लिए क्या है सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी है ताकि उन्हें बुकिंग के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

  • सिलेंडर की डिलीवरी के बाद 21 दिन का अंतर जरूर रखें
  • डिलीवरी के समय DAC कोड देना न भूलें
  • अगर अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है तो जल्द पूरा करें
  • घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल केवल घरेलू कामों के लिए करें

इन नियमों का पालन करने से गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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