अपडेट: फरवरी 2026 | ऑटो डेस्क
1 अप्रैल से बदल जाएगा पेट्रोल! जानिए E20 और 95 RON का नया नियम
1 अप्रैल 2026 से देशभर में E20 पेट्रोल अनिवार्य होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने सभी तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे न्यूनतम 95 RON (Research Octane Number) वाला 20% एथनॉल मिश्रित पेट्रोल ही उपलब्ध कराएं। यह फैसला ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने, प्रदूषण कम करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल का मतलब है — ऐसा ईंधन जिसमें 20% एथनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है।
एथनॉल एक जैव ईंधन है, जो गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।
यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक स्वच्छ तरीके से जलता है और पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।
95 RON क्यों जरूरी?
RON (Research Octane Number) ईंधन की गुणवत्ता और इंजन में ‘नॉकिंग’ से बचाव की क्षमता को दर्शाता है।
- अधिक RON का मतलब बेहतर इंजन प्रोटेक्शन
- एथनॉल का ऑक्टेन स्तर लगभग 108 RON होता है
- 20% मिश्रण से पेट्रोल की कुल गुणवत्ता में सुधार
इसलिए सरकार ने E20 के लिए न्यूनतम 95 RON तय किया है, ताकि इंजन प्रदर्शन प्रभावित न हो।
यह फैसला क्यों लिया गया?
सरकार के इस कदम के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- ✅ कच्चे तेल के आयात में कमी
- ✅ विदेशी मुद्रा की बचत
- ✅ प्रदूषण नियंत्रण में मदद
- ✅ किसानों की आय में वृद्धि
- ✅ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
पिछले वर्षों में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण बढ़ाने से देश को बड़ी विदेशी मुद्रा बचत हुई है और आयात पर निर्भरता घटी है।
गाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा?
🚗 नई गाड़ियां
2023 के बाद बनी अधिकांश नई कारें और बाइक E20 अनुकूल (E20 Compatible) हैं। इन पर कोई बड़ी तकनीकी समस्या की आशंका नहीं है।
🚘 पुरानी गाड़ियां
- 3% से 7% तक माइलेज में हल्की कमी संभव
- रबर या प्लास्टिक पार्ट्स पर दीर्घकालिक असर की संभावना
- बहुत पुरानी गाड़ियों में इंजन ट्यूनिंग की जरूरत पड़ सकती है
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वाहन निर्माता की गाइडलाइन जरूर जांचें।
कीमत पर क्या असर?
E20 पेट्रोल की कीमत पारंपरिक पेट्रोल के आसपास ही रहने की संभावना है, हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना के कारण मामूली अंतर हो सकता है।
क्या यह भविष्य का ईंधन है?
भारत सरकार ने पहले 10% एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया था। अब 20% मिश्रण को तेज़ी से लागू किया जा रहा है।
यह नीति देश को स्वच्छ ईंधन और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
निष्कर्ष
1 अप्रैल 2026 से E20 पेट्रोल अनिवार्य होने जा रहा है। नई गाड़ियों के लिए यह सुरक्षित और अनुकूल है, जबकि पुरानी गाड़ियों के मालिकों को थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है।
यह कदम पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और कृषि—तीनों के लिए अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में बायोफ्यूल आधारित ईंधन की भूमिका और बढ़ सकती है।
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