SAIL में बड़ा फैसला 2026: 22,000 ठेका श्रमिकों की छंटनी की तैयारी, VRS योजना को भी मंजूरी

By | Edited By: Sushil Kumar
Updated: Thu, 02 Apr 2026 11:08 AM (IST)
SAIL में 22000 ठेका श्रमिकों की छंटनी 2026, बोकारो स्टील प्लांट के मजदूर

Updated: 31 मार्च 2026

बोकारो | विशेष रिपोर्ट

देश की प्रमुख सरकारी स्टील कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपने कार्य ढांचे में बड़ा बदलाव करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। कंपनी प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान करीब 22,000 ठेका श्रमिकों की संख्या घटाने की योजना तैयार की है। इस फैसले का असर बोकारो स्टील प्लांट समेत देशभर की SAIL इकाइयों पर देखने को मिलेगा।

मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य लागत नियंत्रण, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और बाजार में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना है।

📊 चरणबद्ध तरीके से होगी छंटनी

SAIL प्रबंधन ने छंटनी को एक साथ लागू करने के बजाय चरणों में पूरा करने का निर्णय लिया है:

  • 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक – 10% श्रमिक कम किए जाएंगे
  • 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक – 5% कमी
  • 1 जनवरी 2027 से 31 मार्च 2027 तक – 5% कमी

वर्तमान में SAIL में लगभग 1.10 लाख ठेका श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से कुल 20% यानी करीब 22,000 श्रमिकों को इस योजना के तहत हटाया जा सकता है।

🏭 बोकारो स्टील प्लांट पर सबसे ज्यादा असर

इस फैसले का सबसे बड़ा असर बोकारो इस्पात संयंत्र पर पड़ेगा, जहां करीब 5,000 ठेका श्रमिक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, कंपनी का दावा है कि इससे उत्पादन या कार्य संचालन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

🛠️ बहु-कौशल प्रशिक्षण पर जोर

SAIL ने साफ किया है कि जो ठेका श्रमिक कार्यरत रहेंगे, उन्हें मल्टी-स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे कर्मचारी एक से अधिक काम कर सकेंगे और उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी।

प्रबंधन का मानना है कि इस कदम से भविष्य में रोजगार की स्थिरता और कार्यकुशलता दोनों में सुधार होगा।

📉 VRS योजना को भी मिली मंजूरी

SAIL बोर्ड की 17 मार्च 2026 को हुई बैठक में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) को भी मंजूरी दे दी गई है। यह योजना विशेष रूप से उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू की जाएगी जो स्वास्थ्य कारणों से पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं।

यदि कोई कर्मचारी VRS नहीं लेना चाहता, तो उसे मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा और सामान्य कार्य जारी रखना होगा।

🎯 2030 तक बड़ा उत्पादन लक्ष्य

SAIL ने वर्ष 2030 तक 35.65 मिलियन टन उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जो वर्तमान क्षमता से लगभग दोगुना है।

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपने कार्यबल को आधुनिक और कुशल बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम उठा रही है।

⚠️ श्रमिकों में बढ़ी चिंता

इस फैसले के बाद ठेका श्रमिकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। कई श्रमिकों को अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा है, हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कदम लंबे समय में संगठन को मजबूत बनाएगा।

📌 निष्कर्ष

SAIL का यह फैसला कंपनी के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है। जहां एक ओर लागत में कमी और दक्षता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हजारों श्रमिकों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले समय में इस योजना का वास्तविक असर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।

📌 FAQs

Q1. SAIL कितने ठेका श्रमिकों की छंटनी करने जा रही है?
Ans: करीब 22,000 ठेका श्रमिकों की संख्या घटाने की योजना है।

Q2. यह योजना कब तक लागू होगी?
Ans: 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से लागू होगी।

Q3. किस प्लांट पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
Ans: बोकारो स्टील प्लांट पर, जहां लगभग 5,000 श्रमिक प्रभावित हो सकते हैं।

Q4. क्या कर्मचारियों के लिए VRS योजना भी लागू होगी?
Ans: हां, SAIL बोर्ड ने VRS योजना को मंजूरी दे दी है।

Q5. इस फैसले का उद्देश्य क्या है?
Ans: लागत कम करना, कार्यकुशलता बढ़ाना और उत्पादन क्षमता में सुधार करना।

👉 ऐसी ही ताज़ा और खास खबरों के लिए हमें Facebook पर Follow करें

Follow Us on Facebook
Sushil Kumar

एक डिजिटल न्यूज़ लेखक और TazaNews24.com के एडिटर हैं। वे ब्रेकिंग न्यूज़, सरकारी अपडेट, भर्ती, ऑटो और टेक से जुड़ी अहम खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक प्रमाणिक और अपडेटेड जानकारी पहुंचाना है।

Leave a Reply