अपडेट: 23 दिसंबर 2025 | कैटेगरी: सरकारी योजना / ग्रामीण विकास
ग्रामीण इलाकों में आज भी कई परिवार ऐसे हैं जो कच्चे, जर्जर या झोपड़ी जैसे घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे जरूरतमंद परिवारों को
पक्का घर देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) चलाई जा रही है।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जो सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।
पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?
PMAY-G केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी।
इसका लक्ष्य उन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित छत नहीं है या जो कच्चे घरों में रहते हैं।
- न्यूनतम 25 वर्ग मीटर (किचन सहित) का मकान
- बेसिक सुविधाओं वाला स्वच्छ और सुरक्षित आवास
- राशि DBT के माध्यम से सीधे खाते में
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के फायदे
- पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों में ₹1,30,000 तक सहायता (प्रति यूनिट)
- अन्य क्षेत्रों में सामान्यतः ₹1,20,000 तक सहायता
- शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 (SBM-G के तहत)
- मनरेगा के तहत 90–95 दिन तक मजदूरी/रोजगार का लाभ
- 3% ब्याज पर ₹70,000 तक लोन की सुविधा (जहां लागू)
- अन्य योजनाओं से बिजली, पानी, LPG जैसी सुविधाओं का कन्वर्जेंस
PMAY-G योजना की पात्रता (Eligibility)
नीचे दिए गए परिवारों को इस योजना में प्राथमिकता मिलती है:
- जिनके पास पक्का घर नहीं है और वे कच्चे/टूटे-फूटे घर में रहते हैं
- बेघर (बिना आश्रय) परिवार
- भीख मांगकर गुजारा करने वाले
- कूड़ा उठाने/सफाई से जुड़ा काम करने वाले
- जनजातीय समुदाय/अन्य अत्यंत गरीब परिवार
- बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए लोग
किन लोगों को नहीं मिलेगा PMAY-G का लाभ?
- जो 2 से अधिक कमरों वाले पक्के घर में रहते हैं
- परिवार में किसी सदस्य की सरकारी नौकरी
- इनकम टैक्स/प्रोफेशनल टैक्स भरने वाले
- उच्च मूल्य संपत्ति/वाहन/उपकरण और निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि वाले
- निर्धारित सीमा से अधिक आय/क्रेडिट सुविधाएं (जैसे उच्च लिमिट क्रेडिट कार्ड)
पीएम आवास योजना ग्रामीण के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड की Self Attested कॉपी
- मनरेगा जॉब कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक/कॉपी)
- स्वच्छ भारत मिशन (SBM) नंबर (यदि लागू)
- शपथ पत्र (Affidavit) — कि आपके पास पक्का घर नहीं है
PMAY-G के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
पीएम आवास योजना-ग्रामीण के लिए आवेदन/रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पोर्टल पर उपलब्ध विकल्पों के आधार पर होती है।
सामान्यतः प्रक्रिया में Personal Details, Bank Details और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल रहती है।
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://pmayg.nic.in
- Personal Details में नाम, मोबाइल, आधार आदि जानकारी भरें
- आधार उपयोग के लिए Consent/अनुमति अपलोड करें
- Search करके Beneficiary List/PMAY ID जैसी जानकारी देखें (यदि विकल्प उपलब्ध हो)
- Register/Apply पर क्लिक करके बाकी डिटेल (बैंक, जॉब कार्ड, SBM आदि) भरें
- फॉर्म Submit करके रिफरेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर सेव रखें
नोट: कई राज्यों में आवेदन/सर्वे की प्रक्रिया ग्राम पंचायत/CSC के माध्यम से भी कराई जाती है।
अगर वेबसाइट पर सीधे आवेदन का विकल्प न मिले, तो नजदीकी CSC (Common Service Centre) पर संपर्क करें।
मोबाइल से PMAY-G में आवेदन (AwaasPlus Survey)
कुछ चरणों में मोबाइल से AwaasPlus ऐप के जरिए सर्वे/ई-केवाईसी की प्रक्रिया कराई जाती है।
इसमें फेस ऑथेंटिकेशन, लोकेशन सेलेक्शन, पुराने घर की फोटो और परिवार की डिटेल जैसी जानकारी मांगी जा सकती है।
- AwaasPlus Survey App (जैसा आपके राज्य/पोर्टल पर निर्देश हों) इंस्टॉल करें
- Self Survey/Assisted Survey में से सही विकल्प चुनें
- Face Authentication और e-KYC पूरा करें
- घर की स्थिति/फोटो और परिवार की जानकारी भरकर Upload करें
- रेफरेंस नंबर नोट करके रखें
PMAY-G में नाम आया या नहीं कैसे पता करें?
सर्वे/वेरिफिकेशन के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर सूची तैयार होती है। पात्रता और प्राथमिकता स्कोर के आधार पर फाइनल लिस्ट में नाम शामिल किया जाता है।
नाम देखने के लिए आपको आधिकारिक पोर्टल पर Beneficiary List में चेक करना होता है।
PMAY-G लिस्ट कैसे देखें? (Beneficiary List Check)
- वेबसाइट खोलें: https://pmayg.nic.in
- Stakeholders सेक्शन में जाएं
- IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प चुनें
- अपना Registration Number और Captcha डालें
- Submit करके स्टेटस/लिस्ट में नाम देखें
PMAY-G का पैसा आने में कितना समय लगता है?
जब आपका नाम अंतिम सूची में आ जाता है, तो भुगतान जारी करने का आदेश बनता है। आमतौर पर आदेश जारी होने के बाद
7 कार्यदिवस के भीतर पहली किस्त आ सकती है। पूरी राशि 3 से 5 किस्तों में ट्रांसफर की जाती है।
लाभार्थी का चयन किस आधार पर होता है?
PMAY-G में चयन के लिए SECC (Socio-Economic and Caste Census) के पैरामीटर और ग्राम सभा/स्थानीय सत्यापन को आधार बनाया जाता है।
इसके अलावा, परिवार की आर्थिक स्थिति, घर की हालत, महिला मुखिया, विकलांग सदस्य, साक्षरता और वयस्क सदस्य जैसी स्थितियों के आधार पर
प्राथमिकता तय की जा सकती है।
PMAY-G हेल्पलाइन नंबर
- PMAY-G: 1800-11-6446
- PFMS: 1800-11-8111
- Email: support-pmayg@gov.in | helpdesk-pfms@gov.in
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. PMAY-G कब शुरू हुई थी?
उत्तर: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी।
Q2. PMAY-G के तहत पैसा कैसे मिलता है?
उत्तर: राशि DBT के जरिए सीधे लाभार्थी के आधार से लिंक बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में आती है।
Q3. PMAY-G में कितना लोन मिलता है?
उत्तर: जहां लागू हो, वहां 3% ब्याज पर ₹70,000 तक का लोन मिल सकता है।
Q4. PMAY-G में आवेदन कैसे करें?
उत्तर: आप आधिकारिक साइट https://pmayg.nic.in पर जाकर प्रक्रिया देख सकते हैं या नजदीकी CSC से आवेदन/सर्वे करा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: योजना की प्रक्रिया/पात्रता और सहायता राशि राज्य/क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है। सबसे सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल और ग्राम पंचायत/CSC से पुष्टि जरूर करें।
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